Friday, 24 February 2017

February - 5

आज कि हदीस
हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: मेरी उम्मत में मुझसे ज़्यादा मुहब्बत रखने वाले लोगों में से वे (भी) हैं जो मेरे बाद आएंगे, उनकी यह आरज़ू होगी कि काश ! वह अपना घर बार और माल सब क़ुरबान करके किसी तरह मुझ को देख लेते। (मुस्लिम: 7145)
Share on: Telegram | WhatsApp

Thursday, 23 February 2017

February - 6

आज कि हदीस
हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: जो अल्लाह तआ़ला पर और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता हो, उसको चाहिए कि ख़ैर की बात कहे या ख़ामोश रहे। (बुख़ारी: 6138)
Share on: Telegram | WhatsApp

Wednesday, 22 February 2017

February - 7

आज कि हदीस
हज़रत अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: जब जन्नत के बाग़ों पर गुज़रो तो ख़ूब चरो । सहाबा: ने अ़र्ज़ किया: या रसूलुल्लाह ! जन्नत के बाग़ क्या हैं ? इर्शाद फ़रमाया: ज़िक्र के हल्के़ । (तिर्मिज़ी: 3510)
Share on: Telegram | WhatsApp

Tuesday, 21 February 2017

February - 8

आज कि हदीस
हज़रत अबू उमामा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: जिस शख़्स ने अल्लाह तआ़ला ही के लिए किसी से मुहब्बत की और उसी के लिए दुश्मनी की और (जिसको दिया) अल्लाह तआ़ला ही के लिए दिया और (जिसको नहीं दिया) अल्लाह तआ़ला ही के लिए नहीं दिया तो उसने ईमान की तकमील कर ली । (अबूदाऊद: 4681)
Share on: Telegram | WhatsApp

Monday, 20 February 2017

February - 9

आज कि हदीस
हज़रत इमरान बिन हुसैन रज़ियल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: लोगों की एक जमाअ़त जिनका लक़ब जहन्नमी होगा हज़रत मुहम्मद ﷺ की शफ़ाअ़त पर दोज़ख़ से निकलकर जन्नत में दाख़िल होंगे । (बुख़ारी: 6566)
Share on: Telegram | WhatsApp

Sunday, 19 February 2017

February - 10

आज कि हदीस
हज़रत बुरैदा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत हैं कि नबी करीम ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया : जो लोग अंधेरों में ज्य़ादा-से-ज्य़ादा मस्जिद को जाते रहते हैं, उनको क़ियामत के दिन पूरे-पूरे नूर की ख़ुशख़बरी सुना दीजिए । (अबूदाऊद: 561)
Share on: Telegram | WhatsApp

Saturday, 18 February 2017

February - 11

आज कि हदीस
हज़रत उस्मान बिन अ़फ़्फ़ान रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया : तुममें सबसे बेहतर शख़्स वह है जो क़ुरआन शरीफ़ सीखे और सिखाए । (तिर्मिज़ी: 2907)
Share on: Telegram | WhatsApp

Friday, 17 February 2017

February - 12

आज कि हदीस
हज़रत मिक़दाद बिन अस्वद रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ रात को तशरीफ़ लाते तो इस तरह सलाम फ़रमाते कि सोने वाले न जागते और जागने वाले सुन लेते । (तिर्मिज़ी: 2719)
Share on: Telegram | WhatsApp

Thursday, 16 February 2017

February - 13

आज कि हदीस
हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं कि नबी करीम ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: आदमी के गुनहगार होने के लिए यही काफ़ी है कि वह हर सुनी सुनाई बात को बग़ैर तहक़ीक़ के ब्यान करे । (अबूदाऊद: 4992)
Share on: Telegram | WhatsApp

Wednesday, 15 February 2017

February - 14

आज कि हदीस
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अन्हुमा से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: जब बन्दा झूठ बोलता है तो फ़रिश्ता उसके झूठ की बदबू की वजह से एक मील दूर चला जाता है। (तिर्मिज़ी: 1972)
Share on: Telegram | WhatsApp

Tuesday, 14 February 2017

February - 15

आज कि हदीस
हज़रत अ़ब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: क़ियामत बदतरीन आदमियों पर ही क़ायम होगी । (मुस्लिम: 7402)
Share on: Telegram | WhatsApp

Monday, 13 February 2017

February - 16

आज कि हदीस
हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि नबी करीम ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: ख़त्ताब के बेटे ! जाओ, लोगों में यह एलान कर दो कि जन्नत में सिर्फ़ ईमान वाले ही दाख़िल होंगे । (मुस्लिम: 309)
Share on: Telegram | WhatsApp

Sunday, 12 February 2017

February - 17

आज कि हदीस
हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु नबी करीम ﷺ से रिवायत करते हैं कि आप ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: अल्लाह तआ़ला क़ियामत के दिन ज़मीन को अपने क़ब्ज़े में लेंगे और आसमान को अपने दाहिने हाथ में लपेटेंगे, फिर फ़रमाएंगे कि मैं ही बादशाह हूं, कहां हैं ज़मीन के बादशाह? (बुख़ारी: 7382)
Share on: Telegram | WhatsApp

Saturday, 11 February 2017

February - 18

आज कि हदीस
हज़रत मुआ़विया बिन हीदा रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि मैंने रसूलुल्लाह ﷺ को यह इर्शाद फ़रमाते हुए सुना: उस शख़्स के लिए बरबादी है जो लोगों को हँसाने के लिए झूठ बोले । उसके लिए तबाही है, उसके लिए तबाही है । (तिर्मिज़ी: 2315)
Share on: Telegram | WhatsApp

Friday, 10 February 2017

February - 19

आज कि हदीस
हज़रत मुग़ीरा बिन शोबा रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि मैंने रसूलुल्लाह ﷺ को यह इर्शाद फ़रमाते हुए सुना: अल्लाह तआ़ला ने तुम्हारे लिए तीन चीज़ों को नापासन्द फ़रमाया है । एक (बेफ़ायदा) इधर उधर की बातें करना, दूसरे माल को ज़ाया करना, तीसरे ज़्यादा सवालात करना । (बुख़ारी: 1477)
Share on: Telegram | WhatsApp

Thursday, 9 February 2017

February - 20

आज कि हदीस
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: अगर तुम अल्लाह तआ़ला पर इस तरह तवक्कुल करने लगो जैसा कि तवक्कुल का हक़ है, तो तुम्हें इस तरह रोज़ी दी जाए, जिस तरह परिनदों को रोज़ी दी जाती है । वह सुबह ख़ाली पेट निकलते हैं और शाम भरे पेट वापस आते हैं । (तिर्मिज़ी: 2344)
Share on: Telegram | WhatsApp

Wednesday, 8 February 2017

February - 21

आज कि हदीस
हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: ईमान की सत्त्तर से ज़्यादा शाख़ें हैं । उनमें सबसे अफ़ज़ल शाख़ "ला इला-ह इल्लल्लाह" का कहना है और अदना शाख़ तकलीफ़ देने वाली चीज़ों का रास्ते से हटाना है और हया ईमान की एक (अहम) शाख़ है । (मुस्लिम: 153)
Share on: Telegram | WhatsApp

Tuesday, 7 February 2017

February - 22

आज कि हदीस
हज़रत शद्दाद बिन औस रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: समझदार आदमी वह है जो अपने नफ़्स का मुहासबा करता रहे और मौत के बाद के लिए अ़मल करे और नासमझ आदमी वह है जो नफ़्स की ख़्वाहिशों पर चले और अल्लाह तआ़ला से उम्मीदें रखे (कि अल्लाह तआ़ला बड़े माफ़ फ़रमाने वाले हैं) । (तिर्मिज़ी: 2459)
Share on: Telegram | WhatsApp

Monday, 6 February 2017

February - 23

आज कि हदीस
हज़रत अस्मान रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: जिस शख़्स की मौत इस हाल में आए कि वह यक़ीन के साथ जानता हो कि अल्लाह तअ़ाला के सिवा कोई माबूद नहीं, वह जन्नत में दाख़िल होगा । (मुस्लिम: 136)
Share on: Telegram | WhatsApp

Sunday, 5 February 2017

February - 24

आज कि हदीस
हज़रत उस्मान रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया : जिस शख़्स की मौत इस हाल में आए कि वह यक़ीन के साथ जानता हो कि अल्लाह तआ़ला के सिवा कोई माबूद नहीं, वह जन्नत में दाख़िल होगा । (मुस्लिम: 136)
Share on: Telegram | WhatsApp

Saturday, 4 February 2017

February - 25

आज कि हदीस
हज़रत उ़म्मार रज़ियल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इर्शाद फ़रमाया: दुनिया में जिस शख़्स के दो रुख़ हों (यानी मुनाफ़िक़ की तरह मुख़्तलिफ़ लोगों से मुख़्तलिफ़ क़िस्म की बातें करे) तो क़ियामत के दिन उसके मुंह में आग की दो ज़बानें होंगी । (अबूदाऊद: 4873)
Share on: Telegram | WhatsApp